Beschrijving
एक रात सेंट्रल जेल से किशनलाल नामक डाकू जेल के डॉक्टर के साथ भाग जाता है. उसी रात जेल में काले जादू में निपुण एक तांत्रिक की मौत हो जाती है और तांत्रिक का भाई खुद को जेल का डॉक्टर बताने लगता है. राजन और शोभा इस गुत्थी को सुलझाने में लग जाते हैं. दूसरी तरफ – इकबाल, सलमा व नफीस जंगल के बीच रास्ता खराब होने की वजह से वे एक बियाबान होटल में रुक जाते हैं. उसके बाद भूत-प्रेत, जादू-टोने का एक भयावह खेल शुरू होता है. इस खौफनाक खेल के पीछे कौन लोग हैं? उनका उद्देश्य क्या है? कौन किसके शरीर में मौजूद है? जानने के लिए पढ़ें रहस्य, रोमांच, हॉरर और हास्य से लबरेज ये कहानी.




